भारत में पेट्रोल के दाम क्यों बढ़ रहे हैं?

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें हमेशा से ही आम आदमी के लिए चर्चा का विषय रही हैं। जब भी ईंधन के दाम बढ़ते हैं, तो लोगों के मन में यह सवाल जरूर आता है कि आखिर यह इतना महंगा क्यों है।

इस बढ़ोतरी के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में उछाल आना है। वैश्विक स्तर पर जब भी कच्चे तेल के दाम बढ़ते हैं, तो उसका सीधा असर देश के घरेलू बाजार पर पड़ता है। आंकड़ों के अनुसार, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे यह बढ़कर 118.5 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। अकेले इसमें लगभग 45 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली थी।

इसके अलावा, भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सप्लाई चेन में बदलाव, भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति भी ईंधन की कीमतों को तय करने में अहम भूमिका निभाती है। यही वजह है कि वैश्विक बाजार में हल्की सी भी हलचल का सीधा असर भारत में पेट्रोल के महंगा होने के रूप में दिखाई देता है।

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