भारत में मनरेगा मजदूरी की दरें और राज्यवार अंतर
भारत में ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने और अकुशल श्रमिकों को आजीविका सुरक्षा प्रदान करने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत न्यूनतम मजदूरी तय की जाती है। हालांकि, देश भर में सभी मजदूरों के लिए कोई एक समान दैनिक भत्ता निर्धारित नहीं है। हर राज्य की जीवन-यापन लागत, आर्थिक स्थितियों और स्थानीय नीतियों के आधार पर यह राशि अलग-अलग होती है।
समय-समय पर केंद्र और राज्य सरकारें इन दरों में संशोधन करती रहती हैं। उदाहरण के लिए, बिहार में नरेगा श्रमिकों और मेट की दैनिक मजदूरी लगभग ₹245 तय की गई है, जबकि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में यह राशि लगभग ₹237 प्रतिदिन के आसपास है। दूसरी ओर, राजस्थान में मजदूरों को प्रति दिन लगभग ₹266 मिलते हैं, वहीं छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में यह दर लगभग ₹243 प्रतिदिन है।
देश के विभिन्न राज्यों के बीच मजदूरी का यह अंतर काफी बड़ा है। उदाहरण के लिए, हरियाणा जैसे समृद्ध राज्यों में दैनिक मजदूरी दर ₹374 तक पहुंच जाती है, जो देश में सबसे अधिक में से एक है। इसके विपरीत, पूर्वोत्तर राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में यह दर तुलनात्मक रूप से कम है।
सरकार हर वित्तीय वर्ष में मुद्रास्फीति और महंगाई को ध्यान में रखते हुए इन दरों को अद्यतन करती है। यदि आप अपने क्षेत्र की सटीक और नवीनतम दर जानना चाहते हैं, तो नरेगा की आधिकारिक वेबसाइट (nrega.nic.in) या स्थानीय ग्राम पंचायत से जारी किए गए दैनिक दर चार्ट को देख सकते हैं।
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