भारतीय संगीत की अद्भुत और समृद्ध पद्धतियां
भारतीय संगीत विश्व की सबसे पुरानी और समृद्ध संगीत परंपराओं में से एक है। इसमें भावनाओं, अध्यात्म और कला का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिलता है जो हर सुनने वाले को मंत्रमुग्ध कर देता है। अगर हम भारत में प्रचलित मुख्य संगीत पद्धतियों की बात करें, तो इन्हें मोटे तौर पर तीन वर्गों में बांटा जा सकता है: शास्त्रीय संगीत, उपशास्त्रीय संगीत और सुगम संगीत।
इनमें से भारतीय शास्त्रीय संगीत का स्थान सबसे महत्वपूर्ण और प्राचीन माना जाता है। शास्त्रीय संगीत नियमों, रागों और तालों के अनुशासन पर आधारित होता है। इस शास्त्रीय परंपरा की दो मुख्य पद्धतियां पूरे भारत में प्रसिद्ध हैं—हिन्दुस्तानी संगीत और कर्नाटक संगीत। हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति मुख्य रूप से उत्तर भारत में प्रचलित है, जबकि कर्नाटक संगीत पद्धति दक्षिण भारत में गाई और बजाई जाती है।
शास्त्रों के कठोर नियमों से इतर, उपशास्त्रीय संगीत में ठुमरी, कजरी और दादरा जैसी शैलियां आती हैं जो थोड़ी अधिक लचीली होती हैं। वहीं सुगम संगीत में हमारे लोकगीत, भजन, गजल और फिल्मी गीत शामिल हैं, जो साधारण भाषा और आसान धुनों के कारण आम जनमानस के दिल के बेहद करीब होते हैं।
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