भारत और रूस का ऊर्जा व्यापार
हाल के वर्षों में भारत और रूस के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंध काफी मजबूत हुए हैं, विशेष तौर पर ऊर्जा के क्षेत्र में। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए दुनिया भर से कच्चा तेल आयात करता है, और इस दिशा में रूस एक प्रमुख और विश्वसनीय साझेदार बनकर उभरा है।
अप्रैल 2022 से पहले रूस से भारत का तेल आयात बहुत कम था, जो कुल कच्चे तेल के आयात का महज 0.2 प्रतिशत हुआ करता था। उस समय 2022 की शुरुआत में प्रतिदिन लगभग 25,000 बैरल कच्चे तेल का आयात किया जाता था। हालांकि, वैश्विक बाजार में आए बदलावों और रणनीतिक निर्णयों के चलते इस आंकड़े में ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई।
मई-जून 2022 तक आते-आते यह आयात उछलकर सीधे 6,00,000 बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया, जिसके परिणामस्वरूप रूस से भारत का कुल तेल आयात बढ़कर 10 प्रतिशत हो गया। यह बदलाव न केवल दोनों देशों के बीच मजबूत होते व्यापारिक रिश्तों को दर्शाता है, बल्कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा की प्राथमिकताओं को भी स्पष्ट करता है।
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