भारत में प्रथम सती कौन थी?
हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, भारत में प्रथम सती की परंपरा का उल्लेख देवी सती से जुड़ा है। उन्हें दक्षायनी के नाम से भी जाना जाता है। वे प्राचीन काल के राजा दक्ष की पुत्री थीं और भगवान शिव से उनका विवाह हुआ था।
एक प्रसिद्ध यज्ञ के दौरान जब राजा दक्ष ने अपने दामाद शिव का अपमान किया, तो देवी सती इस अपमान से इतनी व्यथित हुईं कि वे यज्ञ की अग्नि में कूदकर अपने प्राण त्याग दिए। उनकी इस तपस्या भरी मृत्यु के बाद यह प्रथा 'सती' कहलाने लगी।
धीरे-धीरे समय के साथ इस शब्द का अर्थ बदल गया। 'सती' शब्द का उपयोग ऐसी स्त्री के लिए किया जाने लगा जो अपने स्वर्गीय पति के साथ चिता पर जलने के लिए स्वयं आग में कूद जाती है। हालांकि, आधुनिक भारत में यह प्रथा पूरी तरह समाप्त हो चुकी है और कानून द्वारा इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
फिर भी, देवी सती की कथा आज भी हिंदू धर्म में गहरा स्थान रखती है, न कि एक प्रथा के तौर पर, बल्कि एक आदर्श के
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