महाभारत में कर्ण की उम्र: एक अनसुलझा रहस्य
महाभारत के सबसे दिलचस्प और दुखद पात्रों में से एक हैं कर्ण। उनके जीवन, पराक्रम और त्याग के बारे में तो सभी जानते हैं, लेकिन उनकी उम्र को लेकर काफी चर्चा है। शास्त्रों के अनुसार, कर्ण का जन्म कुंती के कन्या अवस्था में हुआ था, और उनके जन्म के तुरंत बाद ही कुंती का स्वयंवर हुआ, जहां उन्होंने पांडु का चयन किया।
इस तर्क के आधार पर, कर्ण और युधिष्ठिर में बहुत कम उम्र का अंतर था—लगभग 2 से 3 वर्ष। माना जाता है कि कुरुक्षेत्र का युद्ध लगभग 80 वर्ष की उम्र में हुआ था। ऐसे में, अगर युधिष्ठिर की उम्र युद्ध के समय लगभग 75 वर्ष थी, तो कर्ण की उम्र लगभग 77 वर्ष के आसपास रही होगी।
यह उम्र आज के समय में बुढ़ापा लग सकती है, लेकिन महाभारत के जमाने में लोग लंबी उम्र तक जीते थे, खासकर महान योद्धा और राजपुत्र। कर्ण का जीवन संघर्ष से भरा रहा—न केवल वे जन्म से ही त्यागे गए, बल्कि पूरी जिंदगी अपनी पहचान के लिए लड़ते रहे।
अं
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