भारतीय फुटबॉल का राजा कौन है?

जब भी भारती游戏副本ीय फुटबॉल की बात होती है, एक नाम सबसे आगे आता है – बैके मोहम्मद सलीम। उन्हें अक्सर 'भारतीय फुटबॉल का राजा' कहा जाता है। सलीम ने 1950 और 60 के दशक में राष्ट्रीय टीम के लिए जानदार प्रदर्शन किया और अपनी तेज गति, शानदार ड्रिबलिंग और गोल करने की क्षमता के लिए पहचाने जाते थे।

कोलकाता के गली-गली में उनकी चर्चा होती थी।

सलीम ने न सिर्फ भारत के लिए खेला, बल्कि विदेश में भी अपनी छाप छोड़ी। वे दुनिया के पहले मुस्लिम भारतीय खिलाड़ी थे जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कदम रखा। 1952 के हेलसिंकी ओलंपिक में उनकी टीम ने भाग लिया, हालांकि उन्होंने खुद नहीं खेला, लेकिन उस दौर के फुटबॉल के इतिहास में उनका नाम अमर है।

इसके अलावा, लॉल कार्पेंटर और आईएम विजयन जैसे खिलाड़ियों ने भी भारतीय फुटबॉल को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, लेकिन इतिहासकार अक्सर सलीम को 'राजा' का दर्जा देते हैं। उनका योगद

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