मांगलिक की पहचान क्या है?
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जब किसी जातक की कुंडली में मंगल ग्रह 1, 4, 7, 8 या 12 वें भाव में स्थित होता है, तो उस व्यक्ति को मांगलिक कहा जाता है। इसे 'मंगल दोष' भी कहा जाता है, खासकर विवाह के समय इसकी जांच गहनता से की जाती है।
मांगलिक व्यक्ति का स्वभाव अक्सर तेज, ऊर्जावान और आत्मनिर्भर होता है। हालांकि, ऐसे लोग छोटी-छोटी बातों पर जल्दी गुस्सा कर सकते हैं। उनकी भावनाएं तीव्र होती हैं और वे सीधे-सीधे बात करने में विश्वास रखते हैं।
लेकिन यह जरूरी नहीं कि मांगलिक होना हमेशा बुरा हो। कई बार यह गुण जातक को साहसी और नेतृत्व प्रवृत्त बनाता है। सैन्य, पुलिस या खतरनाक कार्यों में यह ग्रह फायदेमंद भी साबित हो सकता है।
हालांकि विवाह पूर्व जांच में मांगलिक होने को लेकर चिंता देखी जाती है, लेकिन अन्य ग्रहों की स्थिति और उपायों के जरिये इसका प्रभाव कम किया जा सकता है। कई बार दोनों पक्ष मांगलिक होने पर दोष समाप्त हो जाता
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