मृत्यु के बाद आत्मा कहाँ जाती है?
मृत्यु के बाद आत्मा का क्या होता है, यह सदियों से इंसान के मन में उठने वाला सवाल रहा है। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, मृत्यु के बाद आत्मा शरीर छोड़ देती है और एक अलग यात्रा पर निकल पड़ती है।
एक दिन में 200 योजन यानी 1600 किलोमीटर की यात्रा आत्मा तय करती है। यह यात्रा इतनी लंबी होती है कि लगभग एक वर्ष में आत्मा यमराज के नगर पहुँचती है। यह नगर यमलोक में स्थित है और वहाँ आत्मा के कर्मों का आकलन होता है।
यमलोक तक का मार्ग अत्यंत लंबा है। यमलोक का मार्ग 86,000 योजन लंबा बताया गया है, लेकिन वैतरणी नदी को छोड़कर। वैतरणी नदी को पार करना आत्मा के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। इस नदी को पार करने के बाद ही आत्मा यमराज के दरबार में पहुँच पाती है।
इन सब मान्यताओं के पीछे यह विश्वास है कि मृत्यु के बाद भी जीवन खत्म नहीं होता, बल्कि एक नई यात्रा की शुरुआत होती है। यह यात्रा कर्मों के अनुसार
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