क्या सरकार ने अडानी का कर्जा माफ किया? जानिए असल आंकड़े

सोशल मीडिया पर अक्सर यह बहस छिड़ी रहती है कि क्या केंद्र सरकार ने उद्योगपति गौतम अडानी की कंपनियों का भारी कर्जा माफ कर दिया है। इस तरह के दावों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती हैं, लेकिन जब हम वित्तीय आंकड़ों और रिपोर्ट्स पर नजर डालते हैं, तो तस्वीर कुछ अलग ही नजर आती है।

असल में, कर्ज माफी और कंपनियों द्वारा अपने बकाए का भुगतान करने में बड़ा अंतर होता है। वित्तीय वर्ष 2021-22 के आंकड़ों के अनुसार, अडानी समूह की कंपनियों ने खुद अपना कर्ज घटाया है। उदाहरण के लिए, अडानी पावर की उधारी में 6.9 फीसदी की कमी आई थी, जिसके बाद उनका कुल कर्ज घटकर 48,796 करोड़ रुपये रह गया था। इसी तरह, अडानी विल्मर का कर्ज भी 12.9 फीसदी घटकर 2,568 करोड़ रुपये पर आ गया था।

बैंकिंग और कॉरपोरेट नियमों के मुताबिक, जब कोई कंपनी अपना कारोबार बढ़ाती है या बेहतर वित्तीय प्रबंधन करती है, तो वह बैंकों का बकाया चुकाकर अपनी देनदारियां कम करती है। सरकारी नीति के तहत किसी निजी समूह का कर्ज माफ करने का कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। कर्ज का कम होना कंपनियों के अपने भुगतान और पुनर्गठन का परिणाम है, न कि सरकार द्वारा दी गई किसी छूट का।

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