भारत में जैविक खेती की शुरुआत और महत्व

भारत में कृषि को अधिक टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2004 में राष्ट्रीय जैविक खेती परियोजना (NPOF) की शुरुआत की गई थी। यह एक केंद्रीय क्षेत्र की महत्वपूर्ण योजना है, जिसे देश भर में जैविक खेती के प्रसार और प्रोत्साहन के लिए शुरू किया गया था।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों और हानिकारक कीटनाशकों पर किसानों की निर्भरता को कम करना है। मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरता को बनाए रखने के लिए जैविक खाद, वर्मीकंपोस्ट और जैव-उर्वरकों (Bio-fertilizers) के उपयोग को बढ़ावा देने में इस कार्यक्रम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसके तहत किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और गुणवत्ता मानकों से जुड़ी जानकारी दी जाती है।

आज के दौर में स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण जैविक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। 2004 में शुरू की गई यह पहल भारत में एक हरित और सुरक्षित कृषि प्रणाली का आधार बनी, जिससे किसानों की लागत घटी है और उपभोक्ताओं को शुद्ध एवं पौष्टिक भोजन मिल रहा है।

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