रूस: अनाज का बड़ा निर्यातक और बदलती अर्थव्यवस्था
रूस एक समय अनाज का बड़ा निर्यातक था। देश की विशाल भूमि और उपजाऊ मैदानों ने कृषि के विकास में अहम भूमिका निभाई। लेकिन 20वीं सदी में जब रूस में औद्योगिक क्रांति का दौर शुरू हुआ, तो धीरे-धीरे कृषि पर निर्भरता कम होती गई। तेज़ी से उद्योगों का विकास हुआ, और ज़्यादातर कारखाने उद्योगपतियों की निजी संपत्ति बन गए।
इन कारखानों में काम करने वाले मज़दूरों की स्थिति को लेकर सरकार ने कुछ ज़िम्मेदारी ली। मज़दूरों को न्यूनतम वेतन मिलने और काम की पाली के घंटे सुनिश्चित करने के लिए, सरकारी विभाग बड़ी फैक्ट्रियों पर नज़र रखते थे। यह कदम शोषण को रोकने और कामगारों के अधिकारों की रक्षा करने के उद्देश्य से किया गया था।
हालांकि, यह सब तब हो रहा था जब देश की आर्थिक संरचना तेज़ी से बदल रही थी। कृषि से उद्योग की ओर बढ़ते कदम ने रूस को नए युग में लाने की कोशिश की, लेकिन साथ ही इसने सामाज
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