विदाई के बाद क्या होता है?
विदाई का पल हर किसी के दिल को छू जाता है। यह वह पल होता है जब दुल्हन अपने मायके से विदा होकर ससुराल जाने लगती है। लेकिन कई लोगों के मन में सवाल होता है कि विदाई के बाद आखिर क्या होता है? दरअसल, इसके बाद अक्सर आशीर्वाद की रस्म होती है।
हालांकि, यह रस्म हर जगह एक जैसी नहीं होती। कहीं यह विवाह के बाद होती है, तो कहीं विदाई से पहले। लेकिन ज्यादातर हिंदू परिवारों में फेरों के बाद, जब दुल्हन विदा हो रही होती है, तब बुजुर्ग माता-पिता और रिश्तेदार उसे आशीर्वाद देते हैं।
इस रस्म में छोटे बच्चे, बुजुर्ग और अन्य परिजन दुल्हन को आशीर्वाद देते हुए उसके कपड़ों पर चावल या फूल डालते हैं। कई जगह यह रस्म तो इतनी मार्मिक होती है कि आंखें नम हो जाती हैं।
इस आशीर्वाद के पीछे एक सरल भावना छिपी होती है — नई जिंदगी में खुशहाली, समृद्धि और सुख की कामना। यह केवल एक रीति नहीं, बल्कि प्रेम और दुभावना का मिश्रण होता है।
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