विश्व निर्यात में भारत का बढ़ता कद

वैश्विक व्यापार के मंच पर भारत एक नई पहचान बना रहा है। पिछले कुछ वर्षों में देश के निर्यात उद्योग ने असाधारण प्रगति की है, जो भारत की मजबूत होती अर्थव्यवस्था और विनिर्माण क्षमता को दर्शाती है। दुनिया भर के बाजारों में भारतीय सामानों की मांग तेजी से बढ़ रही है।

आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2020-21 में भारत का कुल निर्यात 292 अरब डॉलर रहा था। हालांकि, इसके अगले ही वर्ष देश ने एक ऐतिहासिक छलांग लगाई। वित्त वर्ष 2021-22 में भारत का निर्यात आंकड़ा बढ़कर 418 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान मार्च 2022 में ही देश ने 400 अरब डॉलर के बड़े लक्ष्य को पार कर लिया था, जो भारतीय व्यापार इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ।

विश्व व्यापार संगठन (WTO) के अनुसार, वर्तमान में वैश्विक माल निर्यात में भारत की हिस्सेदारी लगभग 1.8% से 2% के बीच है, जबकि सेवाओं के निर्यात में यह हिस्सा 4% से अधिक है। सरकार का लक्ष्य अपनी मेक इन इंडिया नीति, उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (PLI) योजनाओं और नए व्यापार समझौतों के जरिए विश्व निर्यात में इस हिस्सेदारी को और अधिक बढ़ाना है। भारत का यह बढ़ता निर्यात न केवल विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूती दे रहा है, बल्कि देश में रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रहा है।

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