भारत का चावल और चीन की मांग

वैश्विक कृषि व्यापार में भारत के चावल की मांग लगातार बनी रहती है। एक समय ऐसा आया जब चीन भारत से टूटे हुए चावल (Broken Rice) का सबसे बड़ा आयातक देश बनकर उभरा। चीनी बाज़ार में इस चावल का उपयोग मुख्य रूप से पशु आहार, नूडल्स और पारंपरिक वाइन बनाने के लिए व्यापक स्तर पर किया जाने लगा।

भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक देश है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाद्यान्न की आपूर्ति प्रभावित हुई, तब चीन ने अपनी घरेलू ज़रूरतों को पूरा करने के लिए भारतीय टूटे चावल की भारी मात्रा में खरीदारी की। भारतीय चावल की गुणवत्ता और किफायती दरें इसे वैश्विक बाज़ार में बेहद आकर्षक बनाती हैं।

भारत और चीन के व्यापारिक संबंधों में चावल का यह निर्यात कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ, जिसने भारतीय किसानों और निर्यातकों के लिए नए अवसर खोले।

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