गरीबी क्या है और व्यक्ति को गरीब कैसे माना जाता है?

गरीबी एक ऐसी स्थिति है जब कोई व्यक्ति अपनी बुनियादी ज़रूरतों — जैसे भोजन, आवास, स्वास्थ्य सेवाएँ और शिक्षा — को पूरा करने में असमर्थ होता है। जब कोई व्यक्ति या परिवार एक निश्चित न्यूनतम उपभोग स्तर तक भी नहीं पहुँच पाता, तो उसे गरीब माना जाता है।

भारत में गरीबी रेखा की अवधारणा इसी विचार पर आधारित है। यह वह मासिक खर्च का स्तर है जिसके आधार पर तय किया जाता है कि कोई व्यक्ति अपनी आवश्यकताएँ पूरी कर पा रहा है या नहीं। अगर किसी व्यक्ति की आय या व्यय इस रेखा से कम है, तो उसे गरीब माना जाता है।

यह रेखा समय के साथ बदलती रहती है, क्योंकि जीवनयापन की लागत बढ़ती है। पहले यह रेखा सिर्फ भोजन के आधार पर तय की जाती थी, लेकिन अब इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य आवश्यक सेवाएँ भी शामिल हैं।

हालाँकि, गरीबी सिर्फ पैसे की कमी नहीं है। यह अवसरों की कमी, शिक्षा तक पहुँच न होना औ

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