भारतीय संगीत के प्रमुख प्रकार
भारतीय संगीत का इतिहास अत्यंत प्राचीन और समृद्ध है। अगर हम संगीत की रचना, नियमों और उसकी गायन शैली को समझें, तो मुख्य रूप से भारतीय संगीत को तीन भागों में बाँटा जा सकता है।
पहला प्रकार है शास्त्रीय संगीत, जिसे प्राचीन ग्रंथों में 'मार्गी' भी कहा गया है। इस संगीत में नियमों, रागों और ताल का कड़ाई से पालन किया जाता है। इसे सीखने के लिए निरंतर साधना और अनुशासन की आवश्यकता होती है।
दूसरा प्रकार है उपशास्त्रीय संगीत। यह शास्त्रीय संगीत पर ही आधारित होता है, लेकिन इसमें नियमों में थोड़ी ढील दी जाती है ताकि भाव और रसों की अभिव्यक्ति अधिक सुंदरता से हो सके। ठुमरी, दादरा और कजरी जैसी शैलियाँ इसी के उदाहरण हैं।
तीसरा प्रकार है सुगम संगीत, जो आज के समय में सबसे लोकप्रिय है। इसमें फिल्मी गीत, गज़ल, भजन और लोकगीत शामिल हैं। इसे समझने के लिए किसी कठिन शास्त्रीय ज्ञान की ज़रूरत नहीं होती और यह हर किसी के दिल को आसानी से छू लेता है।
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