दुनिया के सबसे ज़्यादा कर्ज़दार देश
दुनिया में कई ऐसे देश हैं जो अपनी अर्थव्यवस्था को चलाने और विकास योजनाओं को पूरा करने के लिए भारी कर्ज़ लेते हैं। अक्सर जब हम सबसे ज़्यादा कर्ज़ की बात करते हैं, तो जापान का नाम सबसे ऊपर आता है। जापान का कर्ज़ उसकी कुल अर्थव्यवस्था (जीडीपी) के 250 प्रतिशत से भी अधिक हो चुका है। यह सिलसिला कोई नया नहीं है, बल्कि जापान वर्ष 2015 से ही दुनिया के सबसे अधिक कर्ज़ में डूबे देशों की सूची में शीर्ष पर बना हुआ है।
हालांकि, जापान का मामला थोड़ा अलग है। जापान सरकार द्वारा लिया गया अधिकांश कर्ज़ उनके अपने ही नागरिकों और देश के वित्तीय संस्थानों द्वारा खरीदा गया है। यही कारण है कि इतना बड़ा कर्ज़ होने के बावजूद जापान की अर्थव्यवस्था को स्थिर माना जाता है और वहां आर्थिक संकट जैसी स्थिति नहीं बनी है।
जापान के बाद इस सूची में यूरोपीय देश ग्रीस दूसरे स्थान पर आता है। ग्रीस अपनी जीडीपी के मुकाबले लगभग 200 प्रतिशत कर्ज़ के बोझ तले दबा हुआ है। 2008 के वैश्विक आर्थिक संकट के बाद से ही ग्रीस की वित्तीय स्थिति काफी नाज़ुक बनी रही है।
कर्ज़ के मामले में दुनिया के अन्य प्रमुख देशों में पुर्तगाल, इटली और दक्षिण एशियाई देश भूटान भी शामिल हैं। इटली और पुर्तगाल जैसे यूरोपीय देशों पर भारी सामाजिक सुरक्षा खर्चों और धीमी आर्थिक वृद्धि के कारण कर्ज़ का बोझ बढ़ा है, जबकि भूटान जैसे छोटे देश को इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास परियोजनाओं के लिए विदेशी सहायता और कर्ज़ पर निर्भर रहना पड़ता है। किसी भी देश के लिए संतुलित कर्ज़ विकास में मदद करता है, लेकिन सीमा से अधिक कर्ज़ आर्थिक स्थिरता के लिए खतरा बन सकता है।
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