कुरान शरीफ हिंदी में कैसे पढ़ें?

कुरान शरीफ की तिलावत करते समय इस्लाम में खास आदब और सावधानी बरतने की बात की गई है। अगर आप हिंदी में अनुवाद पढ़ रहे हैं, तो भी उसकी महानता और पवित्रता का ध्यान रखना ज़रूरी है।

कुरान को सुरीली आवाज़ में पढ़ना पसंद किया जाता है, लेकिन इसे गाने की तरह या ढंग से पढ़ना नाजायज़ है। इसकी ताज़ीम के साथ तिलावत करनी चाहिए। जहाँ तक हो सके, मूल अरबी में किताब देखकर पढ़ना बेहतर माना गया है, लेकिन अगर अरबी नहीं आती, तो हिंदी अनुवाद से भी समझने का प्रयास करना अच्छा है।

तिलावत से पहले वजू करना, किबले की ओर मुंह करके अच्छे कपड़े पहनकर बैठना सही तरीका है। शुरूआत में अऊजु बिल्लाहि मिन अश्शैतानिर रजीम पढ़ना वाजिब है, ताकि शैतान से बचाव रहे। जब भी कोई सूरह शुरू करें, तो बिस्मिल्लाह पढ़ना सुन्नत है।

कुरान न सिर्फ़ पढ़ने के लिए है, बल्कि समझने और उस पर अमल करने के लिए भी है। इ

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय