14 दिसंबर की रात, आसमान में टूटते नजर आएंगे तारे!

अगर आप आसमान में टूटते हुए तारों का नजारा देखना चाहते हैं, तो 2022 में यह मौका 14 दिसंबर की रात को मिला था। यह घटना कोई सामान्य नहीं, बल्कि एक खूबसूरत उल्का वर्षा थी, जिसे तारा बौछार या 'मेटियर शावर' कहा जाता है।

यह वर्षा 4 दिसंबर से शुरू होकर 17 तारीख तक जारी रहती है, लेकिन इसकी चरम स्थिति 14 तारीख की रात को होती है। इस रात, आकाश में कई छोटे-छोटे उल्का धरती की ओर तेजी से गिरते हुए दिखाई देते हैं, जिन्हें टूटते तारे कहा जाता है।

यह सब उल्काव तौरा नामक उल्का समूह के कारण होता है, जो पृथ्वी के वातावरण में प्रवेश करते समय घर्षण के कारण जल उठते हैं और चमकदार धारियां छोड़ जाते हैं।

अगर आप अगली बार इस खगोलीय घटना को देखना चाहें, तो साफ आसमान के साथ अंधेरी जगह की तलाश करें। कोई भी ऑप्टिकल उपकरण नहीं चाहिए — बस आंखें और थोड़ा धैर्य काफी है।

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