क्या आपने कभी सोचा है कि अगर भोजन पूरी तरह मिलना बंद हो जाए, तो हमारा शरीर कितने दिनों तक टिक सकता है? यह सवाल जितना डरावना है, विज्ञान का इसका जवाब उतना ही ज्यादा हैरान करने वाला है। आमतौर पर, एक स्वस्थ इंसान बिना कुछ खाए लगभग तीन हफ्ते से लेकर दो महीने तक जीवित रह सकता है, बशर्ते उसे पर्याप्त मात्रा में पानी मिलता रहे। यह पूरी क्षमता इस बात पर निर्भर करती है कि शरीर के पास पहले से कितनी चर्बी और पोषक तत्व जमा हैं।
मानव शरीर की सहनशक्ति का इतिहास और वैज्ञानिक पृष्ठभूमि
प्राचीन काल से ही मनुष्य को अकाल, सूखा और गंभीर भोजन संकट का सामना करना पड़ा है। हमारी जैवकीय संरचना यानी इवोल्यूशन इसी तरह से हुई है कि हम कम संसाधनों में भी लंबे समय तक जीवित रह सकें। जब हम भोजन करना बंद कर देते हैं, तो हमारे पूर्वजों के शरीर की तरह ही हमारा शरीर भी 'सर्वाइवल मोड' में चला जाता है। इतिहास में कई ऐसे कैदियों और उपवास करने वालों के दस्तावेज़ मिलते हैं जिन्होंने महीनों तक बिना ठोस आहार के जीवनयापन किया। चिकित्सा विज्ञान ने सदियों से इस बात का अध्ययन किया है कि हमारा मेटाबॉलिज्म किस प्रकार ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों की तलाश करता है। शुरुआत में, जब हम खाना छोड़ते हैं, तो शरीर सबसे पहले लिवर में जमा ग्लूकोज का उपयोग करता है। यह ऊर्जा का सबसे तेज माध्यम होता है जो कुछ ही घंटों में समाप्त हो जाता है। इसके बाद शरीर ग्लाइकोजन के भंडार को पूरी तरह खंगाल लेता है। जब ये दोनों स्रोत पूरी तरह खत्म हो जाते हैं, तब असली शारीरिक तंत्र सक्रिय होता है जिसे कीटोसिस कहा जाता है। इस चरण में शरीर अपनी खुद की चर्बी को पिघलाना शुरू कर देता है ताकि महत्वपूर्ण अंगों को ऊर्जा मिलती रहे। इतिहास
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