आईपीएल (IPL) के मुख्य टाइटल पार्टनर और प्रायोजकों के सफर में मुख्य रूप से टाटा ग्रुप (Tata Group) का नाम सबसे ऊपर आता है, जो वर्तमान में इस लीग का टाइटल अधिकार संभाले हुए है। टाटा ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के साथ एक बड़े और दीर्घकालिक समझौते के तहत आईपीएल के मुख्य प्रायोजन अधिकार हासिल किए हैं। इससे पहले डीएलएफ (DLF), पेप्सिको (Pepsi), वीवो (Vivo) और ड्रीम11 (Dream11) जैसी नामचीन कंपनियां भी अलग-अलग वर्षों में आईपीएल की टाइटल पार्टनर रह चुकी हैं।

टाइटल पार्टनर के अलावा, आईपीएल के आयोजन को सफल बनाने में एसोसिएट पार्टर्स, ऑफिशियल ब्रॉडकास्टर्स और डिजिटल स्ट्रीमिंग साझेदारों की भी बहुत बड़ी भूमिका होती है। माय11सर्कल, एंजेल वन, और रुपे जैसे ब्रांड्स लीग-स्तर पर एसोसिएट पार्टनर के रूप में जुड़े रहते हैं। वहीं, मैचों के प्रसारण और डिजिटल स्ट्रीमिंग के लिए स्टार स्पोर्ट्स और जियोसिनेमा जैसे दिग्गज मंच मुख्य भागीदार हैं।

इसके अलावा, आईपीएल में हिस्सा लेने वाली सभी दस फ्रेंचाइजी टीमें—जैसे चेन्नई सुपर किंग्स, मुंबई इंडियंस, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु आदि—के अपने अलग व्यक्तिगत मुख्य प्रायोजक (Principal Sponsors) और मर्चेंडाइज पार्टनर होते हैं, जो हर सीजन में करोड़ों रुपये का निवेश करते हैं। यह पूरा कमर्शियल इकोसिस्टम आईपीएल को दुनिया की सबसे अमीर और लोकप्रिय टी20 क्रिकेट लीग बनाता है।