बुगाटी कंपनी का परिचय और इसके मालिक का इतिहास

ऑटोमोबाइल की दुनिया में जब भी सबसे तेज, सबसे महंगी और बेहद लग्जरी कारों का जिक्र होता है, तो सबसे पहला नाम बुगाटी (Bugatti) का आता है। दुनिया भर के ऑटोमोबाइल प्रेमियों के मन में यह सवाल अक्सर आता है कि आखिर इस दिग्गज हाइपरकार ब्रांड का मालिक कौन है?

बुगाटी कंपनी की स्थापना और एटोर बुगाटी (Ettore Bugatti)

बुगाटी ब्रांड की नींव आज से एक सदी से भी अधिक समय पहले यानी साल 1909 में रखी गई थी। इसकी शुरुआत इटली में जन्मे एक महान औद्योगिक डिजाइनर और इंजीनियर एटोर बुगाटी (Ettore Bugatti) ने की थी। इस कंपनी को तत्कालीन जर्मनी और वर्तमान में फ्रांस के मोल्सहेम (Molsheim) क्षेत्र में स्थापित किया गया था। शुरुआती दौर में एटोर बुगाटी का विजन ऐसी कारों का निर्माण करना था जो न केवल देखने में बेजोड़ कलाकृति जैसी हों, बल्कि रेस ट्रैक पर भी अपनी अद्भुत स्पीड के लिए जानी जाएं।

एटोर बुगाटी के नेतृत्व में इस कंपनी ने ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को कई ऐतिहासिक गाड़ियां दीं, जैसे कि टाइप 35 ग्रैंड प्रिक्स और टाइप 41 "रॉयल"। हालांकि, समय के साथ वित्तीय उतार-चढ़ाव और पारिवारिक कारणों के चलते मूल कंपनी अपने सुनहरे दौर को बरकरार नहीं रख पाई और यह ब्रांड कुछ समय के लिए बंद हो गया था।

फोक्सवैगन ग्रुप (Volkswagen Group) का दौर

साल 1998 में जर्मनी की दिग्गज वाहन निर्माता कंपनी फोक्सवैगन ग्रुप (Volkswagen Group) ने बुगाटी ब्रांड के ट्रेडमार्क और अधिकारों को खरीदकर इस ऐतिहासिक नाम को एक बार फिर से पुनर्जीवित किया। फोक्सवैगन के नेतृत्व में बुगाटी ने इतिहास रचते हुए दुनिया के सामने 'बुगाटी वेरॉन' (Bugatti Veyron) जैसी करिश्माई कार पेश की, जिसने ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में स्पीड और परफॉर्मेंस की परिभाषा ही बदल दी। कई वर्षों तक बुगाटी पूरी तरह से फोक्सवैगन ग्रुप के अंतर्गत ही संचालित होती रही।

बुगाटी के इतिहास और आधुनिक दौर के स्वामित्व में कई दिलचस्प मोड़ आए हैं। शुरुआती समय में, जब इस ब्रांड की स्थापना इतालवी ऑटोमोबाइल डिजाइनर एटोर बुगाटी द्वारा 1909 में फ्रांस के मोल्सहेम शहर में की गई थी, तब यह अपनी बेहतरीन कलाकारी और रेसिंग कारों के लिए पूरी दुनिया में जानी जाती थी। हालांकि, समय के साथ वित्तीय संकट के चलते कंपनी के स्वामित्व में कई बदलाव आए।

आधुनिक युग की बात करें तो, एक लंबे समय तक यह प्रतिष्ठित ब्रांड जर्मनी की दिग्गज ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनी फोक्सवैगन ग्रुप (Volkswagen Group) के स्वामित्व वाली कंपनी ऑडी (Audi) के अंतर्गत आता था। फोक्सवैगन ग्रुप के नेतृत्व में ही बुगाटी ने वेरोन (Veyron) और चिरोन (Chirone) जैसी विश्वप्रसिद्ध और रफ्तार की बादशाह हाइपरकारें पेश करके ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में एक नया इतिहास रचा।

लेकिन ऑटोमोटिव सेक्टर के भविष्य को ध्यान में रखते हुए, इस ब्रांड के मालिकाना हक में एक ऐतिहासिक बदलाव किया गया। इसके तहत एक नई संयुक्त कंपनी 'बुगाटी रिमैक' (Bugatti Rimac) का गठन किया गया। इस नई साझेदारी में क्रोएशियाई इलेक्ट्रिक सुपरकार निर्माता कंपनी 'रिमैक ग्रुप' (Rimac Group) की बहुसंख्यक यानी 55 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जिसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मेट रिमैक (Mate Rimac) हैं। वहीं, इस कंपनी के संचालन और स्वामित्व में एचओएफ कैपिटल (HOF Capital) जैसे बड़े वैश्विक निवेशकों का भी महत्वपूर्ण योगदान शामिल है।

संक्षेप में कहें तो, वर्तमान में बुगाटी ब्रांड का संचालन और नियंत्रण 'बुगाटी रिमैक' संयुक्त उद्यम के अधीन है, जिसकी कमान युवा उद्यमी मेट रिमैक और उनके सहयोगी निवेशकों के हाथों में है। यह बदलाव इस बात का प्रमाण है कि बुगाटी अब पारंपरिक पेट्रोल इंजन के साथ-साथ भविष्य की आधुनिक इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड सुपरकार तकनीक की तरफ तेजी से कदम बढ़ा चुकी है।