दुनिया का सबसे पहला फोन कौन सा है? अगर आप उस डिवाइस की बात कर रहे हैं जिसने इंसानी आवाज को तारों के जरिए मीलों दूर भेजा, तो वह अलेक्जेंडर ग्राहम बेल का 1876 वाला टेलीफोन था। लेकिन अगर आपका इशारा उस हाथ में पकड़े जाने वाले मोबाइल की तरफ है जिसने हमें तारों की कैद से आजाद किया, तो जवाब है मोटोरोला डायनाटैक 8000

मोबाइल फोन के इतिहास से जुड़ी कुछ सामान्य गलतियाँ और एक्सपर्ट टिप्स

अक्सर लोग दुनिया के पहले फोन को लेकर भ्रमित हो जाते हैं। सबसे बड़ी गलती 'कार फोन' और 'हैंडहेल्ड पोर्टेबल फोन' के बीच अंतर न कर पाना है। 1940 के दशक से ही कारों में रेडियो फोन मौजूद थे, लेकिन वे वास्तव में मोबाइल नहीं थे क्योंकि उन्हें साथ लेकर चलना असंभव था। असली क्रांति तब आई जब मोटोरोला ने एक स्वतंत्र डिवाइस पेश किया।

एक्सपर्ट टिप के तौर पर, यदि आप इस विषय पर शोध कर रहे हैं, तो केवल कमर्शियल लॉन्च की तारीख (1983) को ही आधार न मानें। इसके प्रोटोटाइप का सफल परीक्षण 1973 में ही हो गया था। दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि पहले फोन की बैटरी लाइफ केवल 20-30 मिनट थी, जबकि इसे चार्ज होने में 10 घंटे लगते थे। शोधकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे सेलुलर तकनीक (Cellular Technology) और रेडियो फ्रीक्वेंसी के विकास को भी समझें, क्योंकि फोन केवल एक हार्ड