स्टार वाला पुलिस से तात्पर्य पुलिस विभाग के उन अधिकारियों से है जो अपनी वर्दी पर कंधे (या कॉलर) पर स्टार (तारे) लगाते हैं। भारत में पुलिस सेवा में स्टार्स का बहुत महत्व होता है, क्योंकि ये अधिकारियों के पद (Rank) और उनकी वरिष्ठता को दर्शाते हैं।
आपके द्वारा साझा किए गए विवरण में कुछ कन्फ्यूजन है, आइए इसे स्पष्ट रूप से समझते हैं:
1. ASP (असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस)
दो स्टार और आईपीएस (IPS): ट्रेनी (प्रोबेशनरी) पीरियड पूरा होने के बाद जब आईपीएस अधिकारी को स्वतंत्र रूप से प्रभार दिया जाता है, तब उनकी वर्दी पर दो स्टार और नीचे IPS लिखा होता है।
एक स्टार: आईपीएस प्रोबेशनर (ट्रेनिंग के शुरुआती चरण में) अपनी वर्दी पर एक स्टार और IPS पहनते हैं।
2. अन्य पुलिस पदों पर स्टार्स का हिसाब (आईपीएस और राज्य पुलिस)
पुलिस विभाग में स्टार्स और अशोक स्तंभ (National Emblem) से रैंक की पहचान इस प्रकार होती है:
सहायक उप-निरीक्षक (ASI): 1 स्टार (साथ में लाल-नीली धारी वाली पट्टी)
उप-निरीक्षक (SI / दारोगा): 2 स्टार (साथ में लाल-नीली धारी वाली पट्टी)
निरीक्षक (Inspector): 3 स्टार (साथ में लाल-नीली धारी वाली पट्टी)
पुलिस उपाधीक्षक (DSP) / सहायक पुलिस आयुक्त (ASP / ACP): 3 स्टार (राज्य पुलिस सेवा में) या 2 से 3 स्टार (IPS प्रोबेशनरी और जूनियर स्केल में)।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (Addl. SP): अशोक स्तंभ (शेर का चिह्न)
पुलिस अधीक्षक (SP) / वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP): अशोक स्तंभ और स्टार्स (वरिष्ठता के आधार पर)।
क्या आप इनमें से किसी खास पद (जैसे SI, DSP या ASP) के बारे में और अधिक विस्तार से जानना चाहते हैं?
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।