बच्चे अपनी मां से प्यार क्यों करते हैं?

बच्चे अपनी मां से प्यार करना बहुत प्राकृतिक है। जन्म से लेकर पहले के सालों तक, मां ही वह व्यक्ति होती है जो बच्चे की हर जरूरत की पूर्ति करती है। चाहे भूख लगे हो, रात में जाग जाए या कहीं चोट लग जाए — बच्चे का पहला रुख हमेशा मां की ओर होता है।

मां की गोद, आवाज़ और छूने का तरीका खास होता है। यही वजह है कि बच्चे को उसकी मौजूदगी में तुरंत सुकून मिलता है। बचपन के उन छोटे-छोटे पलों में, जब बच्चा रोता है और मां उसे गले लगा लेती है, तो उसे लगता है कि दुनिया की हर चीज़ ठीक है।

स्तनपान, बोतल से दूध पिलाना, गुनगुनी आवाज़ में कहानी सुनाना या सिर पर हाथ फेरना — ये छोटी-छोटी बातें ही बच्चे के दिल में मां के लिए प्यार की नींव रखती हैं। यह प्यार सिर्फ भावना नहीं, बल्कि सुरक्षा, विश्वास और जुड़ाव का एक गहरा रिश्ता है।

हालांकि पिता, दादा-दादी या अन्य सदस्य भी बच्चे के जीवन में अहम भूमिका निभाते हैं, लेक

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