शब्द क्या है?
शब्द वह मूल इकाई है जिसके बिना भाषा की कल्पना भी नहीं की जा सकती। एक या एक से अधिक वर्णों के मेल से बनी स्वतंत्र और सार्थक इकाई को शब्द कहा जाता है। जैसे—‘पुस्तक’, ‘फूल’, ‘सच्चाई’। ये सभी अलग-अलग विचारों को व्यक्त करते हैं और भाषा को जीवंत बनाते हैं।
भारतीय संस्कृति में शब्द को बहुत महत्व दिया गया है। प्राचीन ग्रंथों में शब्द को ब्रह्म कहा गया है—अर्थात् वह सर्वोच्च शक्ति है जिससे सृष्टि की उत्पत्ति हुई। ऋषि-मुनियों के अनुसार, ब्रह्मांड ‘ॐ’ जैसे प्रणाद से ही आरंभ हुआ। इसीलिए कहा जाता है—“शब्द ब्रह्म है”।
वाक्य में जब शब्दों का प्रयोग किया जाता है, तो वे पद कहलाते हैं। जैसे—वाक्य “राम फल खाता है” में ‘राम’, ‘फल’, ‘खाता’ आदि सभी पद हैं। ये पद वाक्य के अर्थ को स्पष्ट करते हैं और व्याकरण के नियमों के अनुसार विभिन्न कारकों में प्रयुक्त होते हैं।
शब्द सिर्फ अर्थ व्यक्त करने का माध्यम ही नहीं, बल्कि विचार, भावना और संस्क
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