स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण का सही समय और परंपरा
हर year 15 अगस्त को पूरा देश स्वतंत्रता दिवस के जश्न में डूबा होता है। इस दिन हर भारतीय के मन में देशप्रेम की एक अलग ही लहर होती है, और हो भी क्यों न, सदियों की गुलामी के बाद 1947 में इसी दिन हमारा देश आजाद हुआ था। इस मौके पर सबसे खास रस्म होती है हमारे प्यारे तिरंगे को फहराने की, जिसे लेकर लोगों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि झंडा आखिर कितने बजे फहराया जाना चाहिए।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लाल किले पर होने वाले मुख्य समारोह में देश के प्रधानमंत्री सुबह करीब साढ़े सात बजे (7:30 AM) तिरंगा फहराते हैं। इसके बाद राष्ट्रगान होता है और तोपों की सलामी के साथ देश के नाम संबोधन होता है। वहीं अगर बात स्कूलों, कॉलेजों, दफ्तरों या सोसायटी की करें, तो वहां ध्वजारोहण का समय आमतौर पर सुबह आठ से नौ बजे के बीच का होता है। सरकारी नियमों के अनुसार भी सुबह के वक्त ही झंडा फहराने का विधान है।
गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) और स्वतंत्रता दिवस के ध्वजारोहण में एक छोटा सा अंतर भी होता है। 26 जनवरी को झंडा ऊपर बंधा रहता है जिसे खोलकर फहराया जाता है, जबकि 15 अगस्त को झंडे को नीचे से रस्सी खींचकर ऊपर ले जाया जाता है जिसे ध्वजारोहण (Flag Hoisting) कहा जाता है। यह पल हम सबको हमारी आज़ादी के लिए लड़ने वाले वीर सेनानियों की याद दिलाता है।
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