केले के पेड़ को क्यों काटा जाता है?
केले के पेड़ को काटने की जरूरत इसलिए पड़ती है क्योंकि एक बार फल देने के बाद वह पेड़ फिर कभी फल नहीं देता। हां, जी हां, केला असल में एक घास है, न कि पेड़, लेकिन बावजूद इसके हम इसे पेड़ ही कहते हैं। जब केले का छोटा-सा पौधा लगाया जाता है, तो कुछ महीनों में वह बड़ा होकर फूल और फल देने लगता है। लेकिन एक बार फल देने के बाद उसकी जड़ों से नए कलम (पौधे) निकलने लगते हैं, जो अगली फसल देते हैं।
इसलिए, जब पेड़ केले दे देता है, तो उसे काट दिया जाता है ताकि जगह बचे और नए पौधों को बढ़ने का मौका मिले। इसके अलावा, कटे हुए पेड़ का उपयोग भी किया जाता है। उसकी बालक, पशुओं का चारा बनती है, और कहीं-कहीं तो उसकी पत्तियों का इस्तेमाल प्लेट या पैकिंग सामग्री के रूप में भी होता है।
किसान इस बात का भी ध्यान रखते हैं कि पेड़ को सही समय पर काटा जाए। बहुत देर से काटने पर पेड़ खराब हो सकता है, जबकि जल्दी काटने से फल पके
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