1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध: एक दर्दनाक इतिहास
1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध केवल सैन्य टकराव नहीं था, बल्कि यह लंबे समय तक चली आ रही राजनीतिक और सामाजिक असंतुष्टि का परिणाम था। इसकी जड़ें ईस्ट पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में गहराई तक थीं। वहाँ के निवासी, जो अधिकतर बंगाली थे, लंबे समय से पश्चिम पाकिस्तान के हाथों सामान्य, आर्थिक और राजनीतिक भेदभाव महसूस कर रहे थे।
सरकारी नौकरियों में ईस्ट पाकिस्तान के लोगों का प्रतिनिधित्व लगभग नगण्य था। अर्थव्यवस्था में भी भारी असमानता थी। जबकि पूर्वी पाकिस्तान जनसंख्या में बड़ा हिस्सा था, लेकिन संसाधन और निर्णय लेने की ताकत पश्चिम में केंद्रित थी।
साल 1970 के चुनावों में शेख मुजीबुर्रहमान की अगुवाई वाली अवामी लीग ने ईस्ट पाकिस्तान में भारी जीत हासिल की। लेकिन इसके बावजूद, पश्चिम पाकिस्तान के शासकों ने चुनावी प्रक्रिया को पूरा होने नहीं दिया। इस नकार के बाद ईस्ट पाकिस्तान में व्यापक आंद
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।