बिहार का नाम क्यों पड़ा?

बिहार भारत के पूर्वी भाग में स्थित एक महत्वपूर्ण राज्य है, जिसका नाम उसके धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व से जुड़ा है। प्राचीन काल में यहाँ बौद्ध धर्म का बहुत प्रसार था। बौद्ध भिक्षु जब यहाँ आकर विहार करते थे, तो यह क्षेत्र धीरे-धीरे 'विहार' यानी आवास या ठहरने के स्थान के रूप में जाना जाने लगा।

विहार शब्द संस्कृत के 'विहार' से निकला है, जिसका अर्थ होता है – ठहरना, रुकना या आश्रय। यही कारण है कि समय के साथ इस पूरे क्षेत्र का नाम बिहार पड़ गया। इसके पीछे एक गहरा आध्यात्मिक संदर्भ भी है। यहाँ के कई स्थल, जैसे बोधगया, ज्ञान की भूमि माने जाते हैं।

इतिहासकारों के अनुसार, चिरांद, जो सारण जिले में छपरा से मात्र ११ किलोमीटर दूर है, 2000 ईस्वी पूर्व का एक महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल है। यहाँ के अवशेष बताते हैं कि यह क्षेत्र कितना प्राचीन और समृद्ध था। इसी बिहार की पावन भूमि पर महाबोधि मंदिर स्थित है, जहाँ भगवान

यह भी देखें

विस्तृत लेख

वैश्विक अर्थव्यवस्था का नया ध्रुव: भारत का व्यापारिक साम्राज्य और वे देश जिनसे हमारे आर्थिक संबंध जुड़े हैं

और पढ़ें →

भारत-अमेरिका व्यापार की अनकही गाथा: आखिर क्या है वह जादू जो दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को जोड़ता है?

और पढ़ें →

भारत की वैश्विक आर्थिक महत्वाकांक्षाएं और वह कौन सा देश है जो आज भारतीय बाजारों का सबसे बड़ा साझीदार बनकर उभरा है?

और पढ़ें →

ग्लोबल मार्केट में भारत का बढ़ता दबदबा: जानिए आखिर इंडिया दुनिया को क्या-क्या एक्सपोर्ट करता है?

और पढ़ें →

दुनिया के बाजारों में तिरंगा: भारत के निर्यात क्षेत्र का बदलता स्वरूप और वैश्विक व्यापार में हमारी बढ़ती धमक

और पढ़ें →

संबंधित विषय