पृथ्वी का पुराना नाम क्या था?
पृथ्वी को आज हम इसी नाम से जानते हैं, लेकिन प्राचीन काल में इसे कई अलग नामों से संबोधित किया जाता था। वैदिक साहित्य में इसे 'भूमि', 'धरा', 'अवनि', 'धरित्री', 'वसुंधरा' और 'पृथिवी' कहा गया है। इन नामों में प्रकृति के प्रति आदर और श्रद्धा झलकती है।
पृथ्वी शब्द की उत्पत्ति 'पृथ्वी' से हुई है, जो महाभारत की एक पात्र राजकुमारी पृथा (कुंती) के नाम से जुड़ी है। कहा जाता है कि उनके घनिष्ठ संबंध के कारण धरती को 'पृथ्वी' कहा जाने लगा। वैसे तो यह एक दार्शनिक और सांस्कृतिक संकल्पना है, लेकिन इसके पीछे की कथा गहरे आध्यात्मिक भाव को दर्शाती है।ऋग्वेद में धरती को 'पृथ्वी' और आकाश को 'द्यौष' कहकर दोहराया गया है। दोनों को माता-पिता के रूप में देखा गया — पृथ्वी माता और द्यौष पिता। यह धारणा प्रकृति के प्रति सम्मान को दर्शाती है।
आज भी भारतीय संस्कृति में धरती को माँ मानकर पूजा जाता है। प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाए रख
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