बोरान की कमी से पौधों में क्या समस्याएं आती हैं?
बोरान (Boron) पौधों के लिए आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व है। जब मिट्टी में बोरान की मात्रा कम हो जाती है, तो पौधों के स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है। इस कमी के कारण पत्तियां मोटी होकर मुड़ने लगती हैं और उनका रंग बदलकर भूरा या काला पड़ सकता है।
खासकर तेजस्वी फलदार पौधों जैसे अमरूद, संतरा या आलूबुखारा में बोरान की कमी से फल फटने लगते हैं। यह समस्या फलों की गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित करती है। इसके अलावा, पौधों के विकास में भी रुकावट आती है। नए अंकुर धीमे बढ़ते हैं और ऊपरी भाग कमजोर हो जाता है।
एक महत्वपूर्ण लक्षण यह भी है कि जड़ें विकृत हो जाती हैं और सामान्य से छोटी व घनी होती हैं। इससे पौधे कमजोर पड़ जाते हैं और धीरे-धीरे झाड़ीनुमा आकार लेने लगते हैं। यह दिखाई देता है कि पौधा आगे नहीं बढ़ पा रहा।
किसानों को चाहिए कि वे अपनी फसलों के लक्षणों पर नजर रखें। यदि पत
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