प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अथाह ऊर्जा और 75 साल की उम्र में भी 18-18 घंटे काम करने की क्षमता अक्सर लोगों को हैरान कर देती है। अगर आप सीधे शब्दों में जवाब ढूंढ रहे हैं, तो उनकी डाइट का मूल मंत्र 'मितहार' यानी सादा, शाकाहारी और अनुशासित भोजन है। वे मुख्य रूप से गुजराती व्यंजनों के शौकीन हैं, जिसमें सहजन (मोरिंगा), खिचड़ी, और बाजरे जैसी पारंपरिक चीजें शामिल होती हैं। यह कोई फैंसी डाइट नहीं, बल्कि आयुर्वेद और स्थानीयता का एक सधा हुआ मेल है जो उन्हें मानसिक रूप से सजग रखता है।

एक अनुशासित जीवनशैली की नींव और खान-पान का दर्शन

नरेंद्र मोदी के भोजन को समझने के लिए पहले उनकी जीवनचर्या के सख्त अनुशासन को समझना होगा। मोदी केवल वही नहीं खाते जो स्वाद में अच्छा है, बल्कि वह खाते हैं जो शरीर के लिए ईंधन का काम करे। उनके दिन की शुरुआत सुबह 5 बजे योग और प्राणायाम से होती है, जिसके बाद उनका नाश्ता काफी हल्का होता है। वह दशकों से शुद्ध शाकाहारी हैं और उन्होंने कभी भी तामसिक भोजन को अपने जीवन में जगह नहीं दी। उनके भोजन में सात्विकता का पुट इतना गहरा है कि विदेश दौरों के दौरान भी वे अपनी जड़ों से जुड़े रहते हैं।

अक्सर देखा गया है कि सत्ता के गलियारों में रहने वाले लोग भव्य दावतों का हिस्सा बनते हैं, लेकिन मोदी ने अपनी जड़ों को नहीं छोड़ा। वडनगर की गलियों से लेकर दिल्ली के रेस कोर्स रोड तक, उनके भोजन की सादगी बरकरार है। वे 'लोकल फॉर वोकल' की बात सिर्फ भाषणों में नहीं करते, बल्कि उनके खाने में भी बाजरा, रागी और ज्वार जैसे मोटे अनाज (मिलेट्स) प्रमुखता से शामिल होते हैं। यह उनके द्वारा वैश्विक स्तर पर 'इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट्स' को बढ़ावा देने के प्रयासों के साथ पूरी तरह मेल खाता है। मोदी का मानना है कि भोजन केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि चेतना को शुद्ध रखने का माध्यम है।

गहन विश्लेषण: सहजन के परांठे से लेकर खिचड़ी तक का सफर

अगर हम गहराई से विश्लेषण करें कि मोदी की थाली में क्या खास है, तो कुछ चीजें उभरकर सामने आती हैं। सबसे चर्चित है सहजन (Moringa) के परांठे। मोदी ने खुद फिट इंडिया संवाद के दौरान खुलासा किया था कि वे सहजन के परांठे बहुत शौक से खाते हैं और यह उनके पोषण का मुख्य स्रोत है। आयुर्वेद में सहजन को 'चमत्कारी वृक्ष' माना जाता है, जो 300 से अधिक बीमारियों से लड़ने की शक्ति रखता है। इसमें दूध से ज्यादा कैल्शियम और संतरे से ज्यादा विटामिन C होता है, जो उनकी इम्यूनिटी को फौलादी बनाता है।

इसके अलावा, उनके दोपहर के भोजन में गुजराती कढ़ी, उपमा या पोहा शामिल होता है। लेकिन जिस व्यंजन से उनका सबसे गहरा लगाव है, वह है खिचड़ी। यह सुपाच्य होती है और शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करती है। मोदी की डाइट में तेल और मसालों की मात्रा न के बराबर होती है। वे अक्सर रात के खाने में बहुत हल्का भोजन लेते हैं, जो उनके पाचन तंत्र को बोझिल नहीं करता। खास बात यह है कि नवरात्रि के दौरान वे नौ दिनों तक केवल गर्म पानी और नींबू का सेवन करते हैं, जो उनके

सामान्य गलतियाँ और एक्सपर्ट टिप्स

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डाइट को फॉलो करने की चाह रखने वाले लोग अक्सर कुछ बुनियादी गलतियां कर बैठते हैं। सबसे बड़ी गलती अत्यधिक कैलोरी कटौती