बेहोशी की दवा: शल्यचिकित्सा की आधारशिला

जब किसी व्यक्ति को ऑपरेशन के दौरान दर्द न हो, तो डॉक्टर बेहोशी की दवा देते हैं। इसे चिकित्सा भाषा में एनेस्थिसिया कहा जाता है। यह दवा रोगी को दर्द से बचाती है और शल्यचिकित्सा को सुरक्षित व सुगम बनाती है।

एनेस्थिसिया के तीन मुख्य प्रकार होते हैं: सामान्य, क्षेत्रीय और स्थानीय। सामान्य एनेस्थिसिया में रोगी को पूरी तरह बेहोश कर दिया जाता है। इसे अक्सर "गहरी नींद" कहा जाता है। इस अवस्था में व्यक्ति कुछ भी नहीं महसूस करता, न देख पाता है, न सुन पाता है। यह प्रकार बड़े ऑपरेशन जैसे हृदय या मस्तिष्क के सर्जरी में इस्तेमाल होता है।

क्षेत्रीय एनेस्थिसिया में शरीर के किसी एक हिस्से, जैसे पैर या पेट के निचले भाग को सुन्न कर दिया जाता है। इस दौरान रोगी जागता रह सकता है। स्थानीय एनेस्थिसिया त्वचा या छोटे क्षेत्र को सुन्न करने के लिए इस्तेमाल होता है, जैसे दाँत निकालते वक्त।

एनेस्थिसिया की

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