केरल क्यों जाएं? एक जीवंत स्वर्ग की ओर प्रस्थान
"ईश्वर का अपना देश" के उपनाम से प्रसिद्ध केरल प्रकृति के साथ एक अनोखे संगम की तरह लगता है। अगर आप ऐसी जगह ढूंढ रहे हैं जहां प्रकृति अपने सबसे शुद्ध रूप में झलकती हो, तो यहां जाना आपके जीवन का सबसे सुंदर फैसला हो सकता है।
केरल के समुद्र तट तो मन मोह लेने वाले हैं ही, लेकिन यहां की असली खूबसूरती छुपी है उस भूलभुलैया में जिसे हम बैकवाटर कहते हैं। नदियों, झीलों, लैगून और नहरों का यह जाल न केवल आंखों के लिए एक दृश्य उपहार है, बल्कि कई लुप्तप्राय पशु-पक्षियों के लिए भी एक सुरक्षित आशियाना है।
कोच्चि से लेकर अलप्पुझा और कुमारकोम तक, एक हाउसबोट पर सैर करना ऐसा लगता है जैसे प्रकृति की धड़कन के साथ अपनी नब्ज़ तालमेल बिठा रहे हों। हरी-भरी घाटियां, ऊंचे नारियल के पेड़, और धीमी धारा में बहती नौकाएं — सब कुछ एक शांत कविता की तरह लगता है।
इसके अलावा, केरल के राष्ट्रीय उद्यान ज
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