मां और पिता में कौन बड़ा? जानिए धर्मग्रंथों की मान्यता
अक्सर लोग सोचते हैं कि मां और पिता में कौन बड़ा है। लेकिन धर्मग्रंथों और पुराणों की मान्यताओं के अनुसार, माता-पिता दोनों का स्थान पवित्र और अत्यंत महत्वपूर्ण है। वैसे तो दोनों का सम्मान एक समान होना चाहिए, लेकिन कथा व्यास जैसे धर्म विद्वानों के अनुसार, शास्त्रों में एक स्पष्ट क्रम भी बताया गया है।
शास्त्र कहते हैं कि सबसे बड़ा भगवान है, उससे बड़ा गुरु, गुरु से बड़ा पिता और फिर पिता से भी बड़ी है मां। यह क्रम मात्र आदर का है, न कि व्यक्तिगत महत्व का। मां को अंतिम स्थान पर रखा गया है क्योंकि वह जीवनदाता है। उसके त्याग, सहनशीलता और प्यार की तुलना कठिन है। वह न केवल शारीरिक रूप से बल्कि आत्मिक रूप से भी बच्चे को जन्म देती है।
इसलिए, भले ही पिता का स्थान गुरु के बाद आता है, मां का स्थान उससे भी ऊपर माना गया है। यह इसलिए नहीं कि एक दूसरे से बड़ा है, बल्कि इसलिए क
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