माता-पिता: घर के भगवान
हर व्यक्ति के जीवन में दो ऐसे महान व्यक्ति होते हैं, जिनके बिना जीवन अधूरा है—माता और पिता। धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि माता-पिता को भगवान का दर्जा इसलिए दिया गय
भगवान महावीर और भगवान बुद्ध की तरह माता-पिता भी असीम प्यार, करुणा और त्याग से भरे होते हैं। वे बच्चे के दुख को अपना दुख मानते हैं और हर कष्ट से उसे बचाने के लिए तैयार रहते हैं। कोई भी बच्चा जब रोता है, तो माँ का दिल टूट जाता है, और पिता की प्राथना होती है कि उसका बच्चा कभी दुखी न हो। हमारे संस्कार, हमारी पहली शिक्षा, सब कुछ माता-पिता से शुरू होता है। वे बिना किसी उम्मीद के सेवा करते हैं। इसलिए कहा जाता है—जैसे भगवान दुनिया की रक्षा करते हैं, वैसे ही माता-पिता अपने बच्चे की रक्षा करते हैं। इसीलिए, उनका सम्मान करना, उनकी सेवा करना और उनके शब्दों में जीना—सब धर्म की पहली सीख है। माता-पिता न सिर्फ जीवनदाता हैं, बल्कि जीवन के सच्चे देवता भी हैं।
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