माँ दुर्गा से जुड़ने का मार्ग
कई बार हम अपने मन में सवाल उठाते हैं — माँ दुर्गा से कैसे बात करें? वास्तव में, माँ से बात करने का कोई सख्त तरीका नहीं। वह माँ हैं, इसलिए भावुक और शुद्ध हृदय से जो भी कहो, वह सुनती हैं।
फिर भी, कुछ मंत्र ऐसे हैं जो मन को शांत करके माँ के निकट ले जाते हैं। जैसे — “ॐ जयन्ती मंगला काली, भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री, स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते”। यह मंत्र माँ के आवाहन के लिए विशेष रूप से प्रयुक्त होता है। इसे सुबह या शाम के समय, मंदिर या घर में स्थापित पूजा स्थल पर मन लगाकर पढ़ने से हृदय में शांति का अनुभव होता है।
लेकिन याद रखें, मंत्र का उच्चारण इतना महत्वपूर्ण नहीं जितना श्रद्धा का भाव। अगर आप माँ को प्रेम से पुकारते हैं, आँखों में आँसू हैं और दिल में विश्वास है, तो माँ अवश्य सुनती हैं।
कई बार लोग सोचते हैं कि सही तरीके से पूजा करना, जटिल मंत्र पढ़ना या खास दिन पर ही आराधना करना जरूरी है। लेकिन माँ
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