शक्ति दुर्गा: आदि शक्ति का स्वरूप

माता दुर्गा को हिंदू धर्म में समस्त ब्रह्मांड की आदि शक्ति माना जाता है। उन्हें आद्य शक्ति कहा जाता है, जिससे सारी सृष्टि का उद्भव हुआ है। पुराणों और शास्त्रों में कहा गया है कि ब्रह्मा, विष्णु और महेश – ये तीनों देवता भी उनकी शक्ति से ही क्रमशः सृष्टि, स्थिति और संहार का कार्य करते हैं।

यानी, ब्रह्मा जी की रचनात्मक शक्ति, विष्णु जी की रक्षात्मक ऊर्जा और शंकर की विनाशक प्रकृति – सभी माँ दुर्गा की ही देन हैं। वे न केवल इन तीनों की शक्ति हैं, बल्कि सभी देवी-देवताओं को उनकी ऊर्जा से ही शक्ति मिलती है। इसलिए वे सर्वशक्तिमयी, सर्वोच्च माँ कहलाती हैं।

दुर्गा माँ का नाम ही उनके स्वभाव को दर्शाता है – दुर्गा वह हैं जो दुर्गम (कठिन) से कठिन स्थिति में भी अपने भक्तों की रक्षा करती हैं। वे स्त्री शक्ति की पराकाष्ठा हैं, जो पूरी सृष्टि को ऊर्जा प्रदान करती हैं।

इसलिए नवरात्रि में तो विशेष रूप से उनकी आराधना क

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