क्यों झड़ जाते हैं कैंसर के मरीजों के बाल?

कैंसर के इलाज के दौरान कई मरीजों के बाल झड़ने लगते हैं। यह दृश्य देखकर परिवार और रोगी दोनों को तनाव होता है, लेकिन यह इलाज की एक सामान्य प्रक्रिया है।

कीमोथेरेपी का प्रभाव

जैसा कि विनोद ने समझाया, कैंसर के उपचार में अक्सर कीमोथेरेपी दी जाती है। यह उपचार कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए तेजी से बढ़ने वाली कोशिकाओं पर निशाना साधती है।

लेकिन समस्या यह है कि कीमोथेरेपी सिर्फ कैंसर वाली कोशिकाओं तक ही सीमित नहीं रहती। यह स्वस्थ कोशिकाओं, खासकर बालों, त्वचा और आंतों की तेजी से बढ़ रही कोशिकाओं को भी प्रभावित करती है।

बालों के पौष्टिक फॉलिकल भी तेजी से बढ़ते हैं। इसीलिए जब कीमोथेरेपी उन्हें नुकसान पहुँचाती है, तो बालों का झड़ना शुरू हो जाता है।

खुशी की बात यह है कि यह स्थिति अस्थायी होती है। इलाज बंद होने के बाद शरीर में नए बाल धीरे-धीरे वापस आने लगते हैं।

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