क्या पृथ्वीराज चौहान अंधे थे?
पृथ्वीराज चौहान, जिन्हें भारत के अंतिम हिंदू सम्राट के रूप में याद किया जाता है, ने भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान बनाया है। उनका नाम वीरता और देशभक्ति के प्रतीक के रूप में जाना जाता है।
हालाँकि, ऐतिहासिक साक्ष्यों के अनुसार, पृथ्वीराज चौहान को तराइन की दूसरी लड़ाई (1192 ईस्वी) में महमूद गोरी के हाथों पराजित कर लिया गया था। इस युद्ध के बाद उन्हें बंदी बना लिया गया। कहा जाता है कि गोरी के शासन में उनके साथ क्रूरता की गई। उनकी आँखों में गर्म लोहे की सलाखें डालकर उन्हें अंधा कर दिया गया था। यह घटना न केवल उनके निजी दुख का प्रतीक है, बल्कि उस समय की कठोर युद्धनीति को भी दर्शाती है।
फिर भी, लोककथाओं और महाकाव्यों में पृथ्वीराज को अंधे होने के बावजूद धनुषबाण चलाकर शत्रु का वध करने वाले वीर योद्धा के रूप में चित्रित किया गया है। ये कथाएँ साँच्चाई से प्रेरित हो सकती हैं, लेकिन ऐतिहासिक द
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