फरवरी क्यों है छोटा?

क्या आपने कभी सोचा है कि फरवरी महीना साल का सबसे छोटा क्यों होता है? इसकी वजह तारीखों के पीछे छिपी एक पुरानी मान्यता है।

दरअसल, प्राचीन रोमनों को सम (इवन) संख्याओं से डर लगता था। उनका मानना था कि जो संख्याएँ सम होती हैं, वे अशुभ मानी जाती हैं। इसलिए, जब रोमन राजा नूमा पोम्पिलियस ने कैलेंडर बनाया, तो उन्होंने अधिकांश महीनों की लंबाई 29 या 31 दिन रखी—दोनों ही विषम संख्याएँ, जो उनके लिहाज से शुभ थीं।

लेकिन एक समस्या थी। सूर्य के हिसाब से साल लगभग 355 दिन का था, और 12 महीनों को विषम दिनों में बाँटने के बाद भी फरवरी के लिए केवल 28 दिन बचे। इस तरह, फरवरी 28 दिनों का अकेला महीना बन गया, जो आज भी हमारे कैलेंडर में जारी है।

हालाँकि बाद में ग्रेगोरियन कैलेंडर में सुधार हुआ और लीप वर्ष जोड़ा गया, लेकिन फरवरी की छोटी लंबाई वैसी की वैसी रही। तो अगली बार जब आप कैलेंडर देखें, तो याद रखें—फरवरी की छो

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय