पाकिस्तान का नाम आया कहाँ से?
आजादी से पहले पाकिस्तान कोई अलग देश नहीं था। यह भारत के ही उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों पर मोहर लगाए था। उस समय यहाँ का कोई अलग नाम नहीं था, बस एक सपना था — एक ऐसा देश जहाँ मुस्लिम अपने तरीके से जी सकें।
मोहम्मद अली जिन्ना और अल्लामा इकबाल जैसे नेताओं ने इसी विचार को आगे बढ़ाया। 1940 में लाहौर अधिवेशन में मुस्लिम लीग ने 'दो राष्ट्र सिद्धांत' पेश किया और एक अलग मुस्लिम राष्ट्र की मांग की। पर उस वक्त उनके पास नाम नहीं था।तब एक बुकलेट मिली — चौधरी रहमत अली की, जिसमें उन्होंने "पाकस्तान" का जिक्र किया था। यह शब्द "पाक" (पवित्र) और "स्तान" (जगह) से मिलकर बना था। बाद में इसे मोड़कर Pakistan बना दिया गया — जो अंग्रेजी में भी आसानी से बोला जा सके।
यह नाम सिर्फ भौगोलिक नहीं, बल्कि भावनात्मक था। इसमें पंजाब, अफगानिस्तान (बलूचिस्तान को ध्यान में रखकर), कश्मीर, सिंध और बलूचिस्तान के अक्षर छुपे थे। धीरे-धीर
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