गोवर्धन पूजा: दीपावली के बाद का पाक-पर्व

दीपावली के अगले दिन, कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को गोवर्धन पूजा मनाई जाती है। इसे अन्नकूट पर्व के नाम से भी जाना जाता है। यह त्योहार भगवान श्रीकृष्ण के गोवर्धन पर्व को उठाने की लीला को समर्पित है, जब उन्होंने गोकुल के लोगों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्व को अपनी छोटी उंगली पर उठा लिया था।

इस दिन, मंदिरों और घरों में भगवान कृष्ण और गोवर्धन पर्व की विधि-विधान से पूजा की जाती है। साथ ही, अन्नकूट के रूप में भोग में चावल, सब्जियां, मिठाइयां सहित कई तरह के भोज्य पदार्थ चढ़ाए जाते हैं। इन्हें फिर प्रसाद के रूप में बांटा जाता है।

गोवर्धन पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति सम्मान और कृषि पर निर्भरता की याद भी दिलाती है। पहाड़ी भगवान को भोजन से सजाकर प्रसन्न करने की परंपरा सरल जीवन और सामुदायिक भावना के महत्व को भी दर्शाती है।

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