शोले: बैंगलोर के पास एक छोटे शहर में बनी महाकाव्य की जादूगरी
शोले आज भी भारतीय सिनेमा की सबसे प्रेरणादायक फिल्मों में से एक है। इस फिल्म की जादूगरी सिर्फ कहानी या एक्शन में नहीं, बल्कि उन जगहों में भी छिपी है जहां इसकी शूटिंग हुई। कर्नाटक के पास बैंगलोर के नजदीक एक छोटा सा शहर रामनगर है, जहां की चट्टानी भूमि ने शोले के महाकाव्य दृश्यों को जन्म दिया।
यहां का ऊबड़-खाबड़ इलाका फिल्म के लिए एकदम सही लगा। लेकिन समस्या थी कि तब यहां तक पहुंचना मुश्किल था। इसलिए फिल्म निर्माताओं को बैंगलोर के राजमार्ग से रामनगर तक एक नई सड़क बनानी पड़ी ताकि सेट पर आवाजाही आसान हो सके।
लेकिन सबसे बड़ी बात थी कला निर्देशक राम येडेकर की मेहनत। उन्होंने इस बंजर जमीन पर एक पूरी काल्पनिक बस्ती का निर्माण कर दिया — घर, डाकखाना, स्कूल, पगडंडियां, सब कुछ। यही बस्ती आज भी फिल्म प्रेमियों के बीच एक किंवदंती बन चुकी है।
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