रात में लाश को अकेला क्यों नहीं छोड़ते?
भारतीय संस्कृति में मृत्यु के बाद शव के साथ किए जाने वाले संस्कारों को बहुत महत्व दिया जाता है। इसी कड़ी में, रात के समय लाश को अकेला नहीं छोड़ा जाता। इसके पीछे कई धार्मिक और तार्किक कारण हैं।
गरुड़ पुराण, जो मृत्यु और उसके बाद के संस्कारों पर आधारित एक प्रमुख ग्रंथ है, बताता है कि शव को अकेला छोड़ना अशुभ माना जाता है। इसकी एक वजह यह भी है कि शव से बदबू आने लगती है, खासकर गर्मी में, और यह गंध चींटियों या अन्य जीव-जंतुओं को आकर्षित कर सकती है, जो शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
साथ ही, कई लोगों की मान्यता है कि अगर शव को अकेला छोड़ दिया जाए, तो उसमें बुरी आत्माएं घुस सकती हैं। इसलिए परिवारजन या संबंधी शव के पास रहते हैं ताकि उस पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव न हो।
इसके अलावा, यह भी माना जाता है कि शव के पास रहकर उसकी आत्मा को शांति मिलती है और वह सही मार्ग पर आगे बढ़ सके। इन सभी कारणों से
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