भारत में शिक्षा नीतियों का सफर
भारत में अब तक कुल चार शिक्षा नीतियां लागू की जा चुकी हैं, जो देश की बदलती शैक्षिक आवश्यकतों को पूरा करने के लिए बनाई गई हैं। पहली राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1968 में आई, जिसने शिक्षा के समान वितरण और गुणवत्ता सुधार पर जोर दिया। इसके बाद 1986 में दूसरी नीति लागू हुई, जिसमें लोकल भाषाओं के माध्यम से शिक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में सुधार पर विशेष ध्यान दिया गया।
1986 की नीति की समीक्षा के बाद 1992 में एक संशोधन किया गया, जिसे अक्सर तीसरी नीति माना जाता है। यह नीति लोकल शिक्षा को मजबूत करने और महिला सशक्तिकरण के माध्यम से शिक्षा पहुंच बढ़ाने पर केंद्रित थी।
सबसे हाल की और चौथी शिक्षा नीति 2020 में लागू हुई, जिसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के नाम से जाना जाता है। इस नीति ने शिक्षा प्रणाली को बिल्कुल नया रूप देने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत 5+3+3+4 संरचना पेश की गई, ज
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