नई शिक्षा नीति: एक ऐतिहासिक ओर निरंतर विकास
भारत में शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मोड़ मई 1986 में आया, जब नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की घोषणा की गई। यह नीति देश के शैक्षिक ढांचे को सुदृढ़ करने, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने और सभी वर्गों तक शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से लागू की गई थी। यह नीति लंबे समय तक चली और देश के शिक्षा प्रणाली में गहरा प्रभाव छोड़ा।
इस नीति के बाद भी समय के साथ बदलती आवश्यकताओं के अनुसार कई बार इसकी समीक्षा की गई। 1990 में, आचार्य राममूर्ति की अध्यक्षता में एक समीक्षा समिति गठित की गई, जिसका उद्देश्य नीति के प्रभाव का आकलन करना था। इसके बाद 1993 में, प्रसिद्ध वैज्ञानिक और शिक्षाविद प्रोफेसर यशपाल के नेतृत्व में एक और समिति बनाई गई, जिसने शिक्षा प्रणाली में गहन सुधार के सुझाव दिए।
इन प्रयासों ने शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा तो दी, लेकिन जल्द ही स्पष्ट हो गया कि बदलती दुनिया के अनुस
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