1962 का भारत-चीन युद्ध: एक कड़वा सच
20 अक्टूबर, 1962 की सुबह भारत के लिए एक काले समय की शुरुआत थी। चीन ने अचानक भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों पर तेज हमले शुरू कर दिए। लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक के इलाकों में चीनी सेना ने तेजी से कदम बढ़ाए।
यह युद्ध महज 32 दिनों तक चला, लेकिन इसके नतीजे भारत के लिए भारी पड़े। लगभग 3,000 भारतीय सैनिक शहीद हुए और देश को पीछे हटना पड़ा। चीन ने इस दौरान भारत की लगभग 43,000 वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर लिया, जिसमें अक्साई चीन क्षेत्र भी शामिल है।
चीन ने युद्ध बंदी की घोषणा के बाद 1963 में तो पश्चिमी सेक्टर में कुछ इलाके खाली किए, लेकिन उसने आज तक अक्साई चीन पर अपना नियंत्रण बरकरार रखा है। यही नहीं, अरुणाचल प्रदेश को लेकर भी चीन आज भी दावा पेश करता है, जिसे भारत पूरी तरह अस्वीकार करता है।
1962 का युद्ध सिर्फ एक सैन्य हार नहीं थी, बल्कि यह भारत के लिए एक बड़ी रणनी
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